pine nuts in hindi

Pine Nuts (Chilgoza) Ke Faydey in Hindi / Benefits of Pine Nuts in Hindi

क्या आप जानते हैं कि चिलगोजा क्या है और चिलगोजा के क्या-क्या फायदे हैं? शायद नहीं। यदि आपने चिलगोजा के बारे में थोड़ा-बहुत सुना भी होगा तो आपको यह नहीं पता होगा कि इसके एक नहीं ढेरों फायदे हैं। विटामिन, फाइबर और प्रोटीन से भरपूर चिलगोजा, जिसे पाइन नट्स या नियोजा भी कहा जाता है यह हमारे स्वास्थ्य (Health) के लिए बहुत ही फायदेमंद है। इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे कि Pine Nuts Kya Hai, Pine Nuts Ke Fayde, Pine Nuts Ke Upyog in Hindi, Pine Nuts Side Effects इत्यादि के बारे में। तो चिलगोजा की पूरी जानकारी प्राप्त करने के लिए आप हमारी आज की इस
पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ें।

चिलगोजा क्या है (What is Pine Nuts in Hindi) –

Pine Nuts Kya Hota Hai – चिलगोजा एक स्वादिष्ट और पौष्टिक फल होने के साथ ही एक औषधि भी है। इसका प्रयोग मेवे के रूप में किया जाता है। इसके अलावा चिलगोजा के तेल (Pine Nuts Oil) का भी इस्तेमाल औषधि के रूप में किया जाता है, जो कि फायदेमंद होता है। चिलगोजा के पेड़ लगभग 24 मीटर ऊंचे, 3 मीटर चौड़े और मध्यम आकार के होते हैं। इसके पेड़ की छाल चिकनी, पतली, खुरदरी व भूरे रंग की होती है, जिसके पत्ते तीन गुच्छों वाले तथा कठोर होते हैं। यदि चिलगोजा के फल की बात करें तो यह 2.5 सेमी लंबे, चपटे तथा भूरे रंग के होते हैं। इन फल को ही चिलगोजा कहा जाता है। अगर इसके बीज की बात करें तो इसके बीज 2 – 2.5 सेमी लंबे और गहरे भूरे रंग के रहते हैं। वहीं इसके फलों के अंदर की गिरी सफेद रंग की होती है और स्वाद में मीठी होती है। चिलगोजा यानी Pine Nuts के पेड़ में फरवरी से दिसंबर तक फूल व फल होते हैं और चिलगोजा के बीज पेड़ों से नीचे जमीन में गिरते हैं। यही बीज बाजार में बिकते हैं। ऊपर आपने जाना Pine Nuts Kya Hota Hai। अब आगे हम आपको बताने जा रहे हैं कि चिलगोजा में कौन-कौन से पोषक
तत्व पाए जाते हैं। चिलगोजा में मौजूद पोषक तत्व (Nutrients Present in Chilgoza) –
चिलगोजा (Pine Nuts) में ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी लाभकारी होते हैं। चिलगोजा में मुख्य रूप से फाइबर, प्रोटीन, नेचुरल विटामिन A, E, B1, B2, C, मैग्नीशियम, कॉपर, मैग्नीज, कैल्शियम, जिंक तथा आयरन मौजूद होता है। यह एक ऐसा नट है जिसमें आपको ये सभी पोषक तत्व एक साथ मिल जाते हैं। यदि आप कुछ दिनों तक रोजाना पांच चिलगोजे का सेवन कर लेते हैं तो इससे आपकी खून (Blood) की कमी दूर हो जाएगी, दिमाग तेज होगा और साथ ही इससे आपके चेहरे (Face) पर ग्लो आ जाएगा। इसके अलावा भी चिलगोजा खाने से बहुत सारे लाभ (Pine Nuts Ke Fayde) मिलते हैं,

जिनके बारे में हम नीचे विस्तार से जानेंगे।
चिलगोजा के फायदे (Benefits of Pine Nuts in Hindi) –

Pine Nuts Ke Fayde in Hindi – जैसा कि हम सभी जानते हैं कि नट्स को सुपरफूड भी कहा जाता है। अक्सर कमजोरी महसूस होने पर या फिर शरीर (Body) में विटामिन्स और प्रोटीन की आवश्यकता होने पर डॉक्टर नट्स का सेवन करने की सलाह देते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि नट्स में वह सभी पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो इन सभी आवश्यकताओं को पूरा करते हैं। उन्हीं नट्स में से चिलगोजा भी है जो हमारे स्वास्थ्य के साथ ही त्वचा और बालों के लिए भी बहुत ही लाभदायक है। तो आइए जानते हैं कि चिलगोजा के इस्तेमाल से हमें कौन-कौन से फायदे होते हैं –

Pine Nuts Khane Ke Fayde –

स्वास्थ्य के लिए चिलगोजा के फायदे – Benefits of Pine Nuts for Health:

(1) कोलेस्ट्रॉल घटाने में मददगार (Helpful in Lowering Cholesterol) –
पाइन नट्स यानी चिलगोजा में अनसैच्युरेटेड फैट मौजूद होता है, जोकि कोलेस्ट्रॉल घटाने में सहायक होता है। इसमें पाए जाने वाला टोकोफेरोल एक पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट है, जो व्यक्ति के शरीर (Body) से बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है तथा दिल के रोगों से बचाए रखता है। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने से दिल की बीमारियों का खतरा भी बहुत अधिक बढ़ जाता है। इसलिए अगर आप अपने शरीर से बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करना चाहते हैं तो चिलगोजा का सेवन आपके लिए मददगार साबित हो सकता है।

(2) बढ़ाता है इम्यूनिटी (Increases Immunity) –
चिलगोजा का सेवन करने से आपके शरीर की इम्यूनिटी यानी रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। चिलगोजा में एंटीबैक्टीरियल तथा एंटीवायरल गुण पाए जाते हैं, जिसके द्वारा यह शरीर में मौजूद हानिकारक केमिकल्स से शरीर की रक्षा करता है और इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स आपके शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत (Strong) बनाता है। इसके अलावा चिलगोजा के तेल का इस्तेमाल कई एंटीसेप्टिक दवाओं व एंटीफंगल क्रीम में भी होता है।

(3) फर्टिलिटी बढ़ाने में मददगार (Helpful in Increasing Fertility) –
चिलगोजा फर्टिलिटी बढ़ाने में भी काफी मददगार होता है। यह प्राचीनकाल से ही पुरुषों की नपुंसकता की परेशानी (Problem) को दूर करने में मददगार रहा है। चिलगोजा में फैटी एसिड मौजूद होता है, जो सेक्शुअल फर्टिलिटी को बनाए रखने तथा स्पर्म प्रोडक्शन के साथ ही टेस्टोस्टेरॉन को बढ़ाने में सहायता करता है। इससे आपकी पूरी सेक्शुअल हेल्थ अच्छी रहती है।

(4) भूख बढ़ाने में सहायक (Helpful in Increasing Appetite) –
चिलगोजा पिनोलैनिक एसिड का एकमात्र प्राकृतिक स्रोत माना जाता है। 10 ग्राम चिलगोजे में 0.6 मिलीग्राम आयरन मौजूद होता है। इसे कच्चा या फिर भुना हुआ खाया जा सकता है। चिलगोजा विटामिन-B और विटामिन-C का भी अच्छा स्रोत है। चिलगोजा में मोनोसैचुरेटेड फैट भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है तथा इनके सेवन से आपकी भूख बढ़ जाती है। इसके अलावा चिलगोजा में आपको भरपूर मात्रा में आयरन भी मिलता है, जिससे शरीर (Body) में हीमोग्लोबिन बढ़ता है और भूख अधिक लगती है।

(5) प्रेग्नेंसी में लाभदायक (Benefits of Pine Nuts During Pregnancy) –
चिलगोजा में भरपूर मात्रा में आयरन मौजूद होता है, इसलिए गर्भवती महिलाओं के लिए चिलगोजा का सेवन काफी लाभदायक साबित होता है। इसका सेवन करने से एनीमिया रोग नहीं होता और यह भ्रूण के स्वस्थ विकास में भी काफी मददगार साबित होता है। इसके अलावा लाइसिन भी एक जरूरी अमीनो एसिड है, जो चिलगोजा में मौजूद होता है। हालांकि प्रेग्नेंसी के दौरान आप अपने खान-पान (Diet) में कुछ भी शामिल करने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से जरूर सलाह ले लें।

(6) डायबिटीज के लिए गुणकारी (Beneficial for Diabetes) –
चिलगोजा डायबिटीज के मरीजों के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। इसमें मौजूद असंतृप्त वसा इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाने में सहायक होता है। भोजन के साथ इसको खाने से यह ग्लाइसेमिक सूचकांक को कम करता है, जो कि डायबिटीज के मरीजों के लिए लाभदायक साबित होता है।

(7) वजन नियंत्रित रखने में सहायक (Helpful in Controlling Weight) –
चिलगोजे का सेवन करने से वजन नियंत्रित करने में भी काफी मदद मिलती है। एक वैज्ञानिक शोध से यह बात पता चली है कि चिलगोजा से बने हुए तेल का सेवन करने से यह वजन घटाने में अपनी एक अहम भूमिका निभा सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि चिलगोजा में पिनोलेनिक एसिड पाया जाता है तथा यह 14 से 19 प्रतिशत फैटी एसिड को प्रदर्शित करता है और यह एसिड भूख को नियंत्रित करके वजन (Weight) कम करने में हेल्प कर सकता है। एक अन्य वैज्ञानिक शोध में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि रोजाना नट पदार्थों का सेवन करने से वजन को घटाने में हेल्प मिल सकती है।

(8) मस्तिष्क के लिए फायदेमंद (Beneficial for Brain) –
चिलगोजा के फायदे मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए भी हैं। एक वैज्ञानिक अध्ययन के मुताबिक चिलगोजा में ओमेगा-3 एसिड मौजूद होता है, जो मस्तिष्क की कोशिकाओं को अच्छी तरह चलाने के लिए उपयोगी होता है। चिलगोजा का सेवन करने से इसमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड्स मस्तिष्क के बेहतरीन संचालन और याददाश्त को मजबूत (Strong) करने का कार्य कर सकता है।

(9) कैंसर के लिए लाभकारी (Beneficial for Cancer) –
चिलगोजा नट कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी में भी फायदेमंद साबित हो सकता है। एक वैज्ञानिक शोध से यह बात पता चली है कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचने के लिए नट पदार्थों का सेवन करना फायदेमंद साबित हो सकता है। शोध के मुताबिक पाइन नट्स यानी चिलगोजा में रेस्वेराट्रोल नामक एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है जो कि कैंसर के खतरे को कम करने में हेल्प कर सकता है। इसके अलावा पाइन नट्स में फोलिक एसिड मौजूद होता है जो डीएनए (DNA) की क्षति को कम करने में मदद कर सकता है।

(10) हड्डियों के लिए फायदेमंद (Beneficial for Bones) –
चिलगोजा का सेवन करने से हड्डियों की मजबूती में भी इसका लाभ मिल सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि चिलगोजा में फैटी एसिड पाया जाता है जो कि हड्डियों के विकास तथा उसकी मजबूती में एक अहम भूमिका निभा सकता है। एक शोध से यह बात सामने आई है कि चिलगोजा में मौजूद ओमेगा-6 फैटी एसिड्स हड्डियों को स्वस्थ रखने के साथ ही गठिया जैसी बीमारी में भी राहत (Relief) पहुंचा सकता है। इसके साथ ही चिलगोजा में कैल्शियम भी मौजूद होता है जो कि हड्डियों की मजबूती और उनके विकास के लिए अपनी एक अहम भूमिका निभा सकता है।

(11) आंखों के लिए लाभकारी (Beneficial for the Eyes) –

आंखों की देखभाल के लिए भी चिलगोजे का सेवन आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। एक शोध में इस बात का खुलासा हुआ है कि यदि आप आंखों के स्वास्थ्य के लिए चिलगोजे को खाते हैं तो इसमें पाए जाने वाला ओमेगा-3 आपकी आंखों (Eyes) के लिए मददगार साबित हो सकता है। यह न केवल आपकी आंखों की नाइट विजन की क्षमता का विकास करने में सहायक है, बल्कि यह आपकी कलर विजन की क्षमता का विकास करने में भी हेल्प कर सकता है। इसके साथ ही चिलगोजा में विटामिन-A भी मौजूद होता है जो कि आपकी आंखों की रेटिना में रंजक यानी आंखों को विभिन्न रंग को पहचानने की क्षमता का विकास करता है। इसलिए यदि आप अपनी आंखों के स्वास्थ्य का ख्याल रखना चाहते हैं तो आप चिलगोजा को अपने खान-पान में शामिल कर सकते हैं।

(12) पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद (Beneficial for Digestive System) –

यदि आप चिलगोजा का सेवन करते हैं तो यह आपके पाचन तंत्र के लिए भी लाभकारी हो सकता है। जब पाचन तंत्र स्वस्थ होता है तो यह भोजन को सही प्रकार से पचाता है। वहीं पाचन तंत्र के बीमार हो जाने से आपके स्वास्थ्य (Health) पर इसका बुरा असर पड़ने की संभावना हो जाती है। अगर आपकी पाचन क्रिया खराब होती है और ठीक से काम नहीं करती तो ऐसे में आपको चिलगोजा का सेवन करना चाहिए। इसके द्वारा आपका पाचन तंत्र स्वस्थ रहेगा और सही ढंग से कार्य करेगा।

(13) शारीरिक कमजोरी करे दूर (Remove Physical Weakness) –
शारीरिक कमजोरी दूर करने के लिए भी चिलगोजे का सेवन एक बेहतरीन ऑप्शन है। यदि आपको शारीरिक कमजोरी (Body Weakness) महसूस होती है तो ऐसे में आप चिलगोजे का सेवन करें। चिलगोजे की गिरी को खाने से आपके हाथ-पैर की कमजोरी दूर हो जाती है और आपका शरीर स्वस्थ रहता है। इसके लिए बच्चे भी चिलगोजे का इस्तेमाल कर सकते हैं।

(14) खांसी और दमा के इलाज में फायदेमंद (Beneficial in Treating Cough and Asthma) –
चिलगोजा खांसी और दमा के इलाज में भी लाभदायक है। जैसा कि आप सभी जानते हैं दुनियाभर में दमा के रोग से हजारों लोग ग्रस्त हैं जो कि एक बहुत ही गंभीर बीमारी है। दमा के इलाज के लिए आप चिलगोजा की 5-10 ग्राम गिरी को पीसकर इसमें शहद (Honey) मिला लें और फिर इसका सेवन करें। ऐसा करने से दमा में फायदा होगा। इसके अलावा इसको पीने से खांसी में भी राहत मिलती है।

(15) गठिया के लिए लाभकारी (Beneficial for Arthritis) –
चिलगोजा के फायदे गठिया जैसी बीमारी में भी देखने को मिलते हैं। यदि आप गठिया के दर्द से छुटकारा पाना चाहते हैं तो आप चिलगोजे का तेल (Pine Nuts Oil) लगाइए।

(16) उल्टी रोकने में चिलगोजा का उपयोग (Use of Chilgoza in Preventing Vomiting) –
चिलगोजा उल्टी रोकने में भी काफी लाभकारी नट है। यदि आपको उल्टी की शिकायत होती है तो आप 18-18 ग्राम त्रिफला, त्रिकटु, चित्रक, दालचीनी, ककुभ, मूल, सालिम लें और इसके साथ बाबूना पुष्प, 100 ग्राम द्राक्षा, 6 ग्राम नारियल और 4 ग्राम चिलगोजा मज्जा लें और इसका पेस्ट बना लें तथा इसे पकाकर गाढ़ा कर लें। इसके बाद आप इसमें 375 ग्राम शहद मिलाकर इसकी जेली (चटनी) बना लें। इस जेली को 5-10 ग्राम की मात्रा में सुबह व शाम में इसका सेवन करने से उल्टी (Vomiting) रुक जाती है।

(17) बुखार से दिलाए छुटकारा (Relief from Fever) –
बुखार से पीड़ित व्यक्ति भी चिलगोजा का सेवन करके इसके फायदे उठा सकता है। बुखार (Fever) होने पर आप 18-18 ग्राम त्रिफला, दालचीनी, त्रिकटु, चित्रक, सालिम, ककुभ मूल लें और इन सब साथ ही बाबूना फूल, 4 ग्राम चिलगोजा मज्जा, 100 ग्राम अंगूर और 6 ग्राम नारियल लें तथा इनका पेस्ट बनाकर पका लें और इसको गाढ़ा बनाएं। फिर इसमें आप 375 ग्राम शहद मिलाकर इसकी जेली तैयार कर लें। इस जेली का आप 5-10 ग्राम सुबह व शाम सेवन करें। ऐसा करने से आपको बुखार में राहत मिलेगी।

(18) एनर्जी के लिए उपयोगी (Useful for Energy) –
चिलगोजा एनर्जी देने में भी अपनी एक अहम भूमिका निभाता है। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि नट्स वसा का एक महत्वपूर्ण स्रोत होते हैं जो उन्हें ऊर्जा स्रोत बनाने में मददगार होते हैं। लेकिन अन्य नट्स की तुलना में चिलगोजा (Pine Nuts) ऊर्जा का एक बड़ा स्रोत माना जाता है। इसमें स्वस्थ फैट अधिक मात्रा में मौजूद होता है। इसका सेवन करने से आपको संतुष्टता व पूर्णता की भावना मिलती है। इस तरह चिलगोजा के बीज कुपोषित व्यक्तियों के लिए बहुत ही लाभदायक हैं। इसके साथ ही यदि किसी व्यक्ति को उच्च ऊर्जा आहार की आवश्यकता होती है, जैसे- एचआईवी के मरीज, दस्त के रोगी तथा क्षय रोग से पीड़ित व्यक्ति। तो यह सभी ऊर्जा के स्रोत के रूप में चिलगोजा का सेवन कर सकते हैं।

(19) इंफेक्शन से रखे दूर (Keep Away from Infection) –
चिलगोजा का सेवन करने वाले लोग इंफेक्शन से भी बचे रहते हैं। चिलगोजा में एंटीवायरल गुण मौजूद होते हैं जो वायरल को रोकने में सहायक होते हैं। इसके अलावा चिलगोजे के तेल (Pine Nuts Oil) में जीवाणुरोधी, एंटीफंगल, एंटीवायरल, एंटीसेप्टिक, उच्चरक्तदाबरोधी कफ हटाने वाले तथा मूत्रवर्धक गुण भी मौजूद होते हैं। इसलिए यदि आप इंफेक्शन के खतरे से खुद को बचाए रखना चाहते हैं तो चिलगोजा का सेवन आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

(20) दिल के लिए लाभकारी (Beneficial for Heart) –
चिलगोजा का सेवन करने से हमारा दिल भी स्वस्थ (Healthy) रहता है। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हमारे शरीर (Body) को जिंदा रखने का काम हमारे दिल का है। शरीर के इस अंग के फेल हो जाने पर व्यक्ति अपने जीवन को खो देता है। हमारे दिल के धड़कने के कारण ही हमारा दिमाग अपना कार्य करता है और वह हमारा हृदय (Heart) ही है जो हमारे पूरे शरीर में रक्त (Blood) पहुंचाने का कार्य करता है। चिलगोजा का सेवन करने से यह हमारे शरीर में मौजूद बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और इस प्रकार स्वस्थ रक्तवाहिकाएं हमारे दिल को बेहतर तरीके से कार्य करने में सहायता करती हैं। इसलिए यदि आप अपने हृदय को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो इसके लिए आप चिलगोजा को अपने खान-पान में शामिल कर सकते हैं।

त्वचा के लिए चिलगोजा के फायदे –

Benefits of Pine Nuts for Skin :
(21) त्वचा के लिए फायदेमंद (Beneficial for the Skin) –
चिलगोजा आपकी त्वचा के लिए भी लाभकारी साबित हो सकता है। एक वैज्ञानिक अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है कि चिलगोजा त्वचा (Skin) के लिए फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि इसमें विटामिन-C अच्छी मात्रा में मौजूद होता है। और जैसा की आप सभी जानते हैं कि विटामिन-C एक एंटीऑक्सीडेंट है जो आपकी त्वचा को सूर्य की हानिकारक किरणों से बचाए रखता है। इसके साथ ही विटामिन-C आपकी त्वचा में कोलेजन को बढ़ाता है तथा एजिंग को भी कम कर देता है। चिलगोजा यानी Pine Nuts में मैग्नीज भी पाया जाता है जो त्वचा को मुक्त कणों (Free Radiculs) से बचाए रखने का कार्य कर सकता है।
बालों के लिए चिलगोजा के फायदे – Benefits of Pine Nuts for Hair :

(22) बालों के लिए गुणकारी (Beneficial to Hair) –
चिलगोजा आपके बालों के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है। चिलगोजा में मौजूद ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड बालों के विकास के लिए सहायक हो सकता है। एक अध्ययन से यह पता चला है कि ओमेगा-6 फैटी एसिड बालों (Hair) को झड़ने से रोकने में मददगार होता है तथा बालों को घना बनाने में भी यह हेल्प कर सकता है। इसलिए बालों में चिलगोजा के फायदे के लिए आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
यह तो बात हुई चिलगोजा के अनेकों फायदों (Benefits of Pine Nuts) के बारे में। अब आगे हम जानते हैं कि चिलगोजा का उपयोग (Use of Pine Nuts) कैसे किया जाता है।

चिलगोजा के उपयोग (Use of Pine Nuts in Hindi) –

Pine Nuts Ke Upyog in Hindi – चिलगोजा नट्स जितना फायदेमंद होता है, इसका इस्तेमाल करना भी उतना ही आसान है। इसका उपयोग कई तरह से किया जाता है। तो आइए नीचे जानते हैं कि चिलगोजा का उपयोग किन-किन चीजों में और कैसे किया जाता है –
Use of Pine Nuts in Hindi –
(1) चिलगोजा को आप कैंडीज, सॉस, पेस्टो, ब्रेड, केक तथा सब्जियों में मिलाकर इसका सेवन कर सकते हैं।
(2) चिलगोजा का सेवन आप नाश्ते के रूप में भी कर सकते हैं।
(3) पाइन नट्स को कच्चा या भूनकर भी खाया जा सकता है।
(4) सलाद (Salad) को सुगंधित बनाने के लिए भी आप इसे सलाद के ऊपर छिड़क कर इसका सेवन कर सकते हैं।
(5) चिलगोजा को आप अपने सूप (Soup) में भी डालकर इसको खा सकते हैं।
(6) चिलगोजा का सेवन आप ब्रेड और केक में डालकर भी कर सकते हैं।
(7) चिलगोजा का इस्तेमाल फलों की स्मूदी और आइसक्रीम में भी किया जा सकता है।

(8) पाइन नट्स को आप चिकन कोटिंग और मछली (Fish) को डीप फ्राई करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा आप
इसको पिज़्ज़ा और बिस्किट में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

चिलगोजा के नुकसान (Pine Nuts Side Effects in Hindi) –
Pine Nuts Side Effects – जब किसी चीज के बहुत अधिक फायदे होते हैं तो उसके नुकसान भी जरूर होते हैं। उसी तरह चिलगोजा भी है, जिसके विभिन्न फायदों के साथ ही इसके कुछ नुकसान भी हैं। तो आइए नीचे हम जानते हैं कि चिलगोजा खाने के नुकसान क्या-क्या हैं –

Pine Nuts Side Effects in Hindi –
(1) चिलगोजा को ज्यादा मात्रा में खाने से आपको इससे पेट से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं।
(2) चिलगोजा की गिरी पचने में समय लेती है।
(3) अगर इस नट से आपको एलर्जी महसूस होती है तो इसको खाने से पहले आप डॉक्टर की सलाह (Advice) जरूर ले लें, नहीं तो
इसके सेवन से आपको नुकसान हो सकता है। क्योंकि इसमें पाए जाने वाला ओमेगा-6 आपके लिए एलर्जी की वजह बन सकता है।
(4) चिलगोजा में विटामिन-A, विटामिन-E और विटामिन-K पाया जाता है, जिनका बहुत ज्यादा सेवन आपके शरीर (Body) में
विषाक्तता की वजह बन सकता है।
(5) पाइन नट्स में जिंक भी मौजूद होता है और जिंक का बहुत अधिक सेवन मतली, उल्टी, सिरदर्द, पेट में ऐठन, भूख में कमी और
दस्त जैसी परेशानियों की वजह बन सकता है।
चिलगोजा का रेट (Pine Nuts Price in India) –
चिलगोजा का भाव – चिलगोजा बहुत ही महंगा होता है। इसका दाम (Price) सुनकर हो सकता है कि आप चौंक जाएं, लेकिन यह
बिल्कुल सच है। चिलगोजा की गिनती सबसे महंगे मेवों में होती है। मार्केट में चिलगोजा का भाव 5000 से 8000 रुपए प्रति किलो
तक होता है।

चिलगोजा खरीदते समय ध्यान देने वाली बातें (Things to Keep in Mind while Buying Chilgoza) –
(1) जब भी आप मार्केट से चिलगोजा खरीदने जाएं तो आप चिलगोजे की ताजगी पर जरूर ध्यान दें कि वह कितने समय से मार्केट में
उपलब्ध (Available) है।
(2) यदि चिलगोजा खरीदते समय उसमें से दुर्गंध आती है तो आप ऐसे पाइन नट्स को खरीदने से बचें।
(3) आप बिना छिलके वाला चिलगोजा न खरीदें।

(4) आपको चिलगोजे शॉपिंग मॉल में भी मिल जाएंगे, लेकिन इन पाइन नट्स को खरीदने से पहले आप उनकी मैन्युफैक्चरिंग डेट
ठीक से जरूर चेक कर लें।

चिलगोजे को कैसे रखें सुरक्षित (How to Keep Pine Nuts Safe) –
(1) बाजार में आपको छिलके और बिना छिलके वाले दोनों प्रकार के चिलगोजे मिलेंगे, लेकिन दोनों में से छिलके वाले चिलगोजे को
ज्यादा समय तक सुरक्षित रख सकते हैं।
(2) चिलगोजा या पाइन नट्स को हमेशा ठंडी और सूखी जगह पर सुरक्षित (Safe) रख सकते हैं।
(3) यदि आप चिलगोजे को ज्यादा समय तक सुरक्षित रखना चाहते हैं तो आप छिलके वाले चिलगोजे का चयन करें, क्योंकि बिना छिलके वाले पाइन नट्स की अपेक्षा छिलके वाले पाइन नट्स को अधिक समय (Time) तक स्टोर करके आसानी से रखा जा सकता है।

चिलगोजा की खेती कहां होती है (Where is Pine Nuts Cultivated) –
चिलगोजा की खेती विश्व के कई देशों में होती है। भारत में भी पाइन नट्स की खेती होती है। भारत में इसकी खेती उत्तर-पश्चिम में होती है और हिमालय में 1800-3000 मीटर की ऊंचाई पर देवदार तथा चीड़ के पेड़ों के साथ ही साथ वहां पर पाइन नट्स भी पाया जाता है। चिलगोजा की खेती विश्व में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बलूचिस्तान आदि देशों में होती है।

चिलगोजा (Pine Nuts) का पेड़ (Pine Nuts Plant in Hindi) –
चिलगोजे का पेड़ (Plant) बहुत बड़े आकार का होता है। इसका तना बिल्कुल सीधा आसमान की ओर बढ़ता है और लंबाई में यह लगभग 75 फीट तक का हो सकता है। इसके पत्ते जो होते हैं वह पिरामिड या छाते की तरह बिल्कुल घने होते हैं। इसके फूल (Flower) एकदम शंकु की तरह विकसित होते हैं। यह पेड़ हमेशा ठंडी जलवायु में उगता है। पाइन नट छोटे होते हैं और इनका रंग हांथीदांत के जैसा रहता है। इनकी लंबाई लगभग आधे इंच तक की रहती है। इसके अलावा कच्चे पाइन नट्स जो होते हैं वह नरम और स्वाद (Taste) में मीठे होते हैं।

पाइन नट्स या चिलगोजा कितने रूपों में उपलब्ध है (How Many Forms is Pine Nuts Available) –
पाइन नट्स जो कि हमारी सेहत, त्वचा और बालों के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है, वह आपको निम्नलिखित रूपों में मिल जाएगा –
(1) नट्स (Nuts) के रूप में
(2) ऑयल (Oil) के रूप में
चिलगोजा के सेवन की सही खुराक क्या है (What is the Correct Dosage of Pine Nuts Intake) –

यदि चिलगोजा की सही खुराक की बात करें तो अभी तक इसके बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिली है। हर किसी के लिए चिलगोजा या पाइन नट्स की खुराक (Dose) अलग-अलग हो सकती है। इसके बारे में ज्यादा जानकारी पाने के लिए आपको अपने डॉक्टर या हर्बलिस्ट से कंसल्ट करना चाहिए। कभी भी आप इसकी खुराक को अपने से निर्धारित न करें, क्योंकि ऐसा करना आपके लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

चिलगोजा का स्वाद (Taste of Pine Nuts) –
अगर चिलगोजे के स्वाद (Taste) की बात की जाए तो कुछ लोगों ने इसका सेवन करने के बाद अपने मुंह में एक कड़वा स्वाद (Bitter Taste) महसूस होने के बारे में बताया। आमतौर पर इसका यह लक्षण कुछ ही क्षणों में खुद से दूर हो जाता है, लेकिन इसके घंटों तक रहने की संभावना हो सकती है।

चिलगोजा की तासीर कैसी होती है (How does Pine Nuts Effect) –
चिलगोजा की तासीर बहुत ही गर्म होती है, इसलिए जिन लोगों का शरीर (Body) अधिक गर्म रहता है, उन्हें गर्मियों में इसका सेवन कम ही मात्रा में करना चाहिए। यदि ऐसे मौसम में आप इसका सेवन करना भी चाहते हैं तो पहले आप एक छोटी मुट्ठी चिलगोजे को रात भर पानी (Water) में भिगोकर रख दें। फिर सुबह इसके पानी को छान लें और फिर इस को चबा-चबाकर खा लें। इसको खाने के पश्चात आप गर्म पेय जैसे दूध (Milk) जरूर पी लें। यदि आप दूध में शहद (Honey) मिलाकर पीते हैं तो इससे आपको और ज्यादा फायदा होगा। सर्दी के मौसम में चिलगोजे का सेवन करना और भी ज्यादा लाभदायक होता है।

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